एक तरफ मेज़बान इंग्लैंड है जिसकी टीम में जोफ्रा आर्चर की वापसी हो चुकी है. जिसके सबसे अनुभवी गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन फिट हो चुके हैं. और, जो पहला टेस्ट गंवाने के बाद सीरीज़ जीतने के लिए बेताब है. उधर वेस्टइंडीज़ का हाल भी कुछ ऐसा ही है. कैरेबियाई टीम के सामने तो पूरा का पूरा इतिहास है, जिसे उसे मैनचेस्चटर का मैदान मारते हुए रचना है. अगर होल्डर एंड कंपनी ऐसा कर पाती है तो ये उसकी 1988 के बाद इंग्लैंड में पहली टेस्ट सीरीज़ जीत होगी. दोनों टीमें 1-1 टेस्ट जीतकर ये बता चुकी हैं कि दम दोनों में है. इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स एक बार फिर से वेस्टइंडीज़ के लिए ख़तरा बन सकते हैं . वहीं तेज गेंदबाज़ी में ब्रॉड जो पिछले मैच में अकेले ही कहर बरपाए थे, इस बार जेम्स एंडरसन का साथ मिलने पर और भी घातक साबित हो सकते हैं . वेस्टइंडीज़ को इन्हें रोकने के अलावा अपनी बल्लेबाज़ी पर भी फोकस करना होगा, क्योंकि सीरीज़ फतह और उनकी हार के बीच में जो रोड़ा बन सकती है वो उनकी बल्लेबाज़ी ही हो सकती है.