कोरोना के बढ़ते संकट के बीच वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने दावा किया किया है अर्थव्यस्था फिलहाल बेहतर स्थिति में हैं. मंत्रालय ने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा कि कोविड- 19 की दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर असर (Impact of second wave on economy )पहली लहर के मुकाबले हल्का ही रहेगा. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति बेहतर हुई है . रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है.
पिछले छह महीनों से जीएसटी का कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक है. अप्रैल में यह 1.41 लाख करोड़ रुपये था, जो एक रिकॉर्ड है. वहीं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (consumer price Index) आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 5.52 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं का महंगा होना है. थोक मूल्य सूचकांक 7.39 प्रतिशत पर पहुंच गयी जो इसका आठ वर्ष का उच्चतम स्तर है. हालांकि कोरोना की दूसरी लहर से बाजार जरूर प्रभावित हुआ है. निफ्टी 0.4% तो सेंसेक्स 1.5% नीचे आ गए हैं. इसी तरह अप्रैल में डॉलर के मुकाबला रूपया 2.3 प्रतिशत लुढ़क कर 74.51 तक आ गया है.