चांदी के बर्तनों में भोजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है. आयुर्वेद में भी इसका अपना महत्व है. चांदी के बर्तनों में खाना खाने से वात रोगों में राहत मिलती है. चमकीली चांदी आंखों के रोग, एसिडिटी और शरीर की जलन दूर करने में बेहद मददगार है. इतना ही नहीं चांदी से बने बर्तनों के इस्तेमाल से मानसिक बीमारियों में राहत मिलती है और नींद नहीं आने की शिकायत भी दूर हो जाती है. चांदी में याददाश्त तेज करने के प्राकृतिक गुण भी होते हैं.
चांदी 100 फीसदी बैक्टीरिया फ्री होती है इसलिए इंफेक्शन से भी बचाती है. चांदी के बर्तनों में पानी, दूध या कोई और तरल पदार्थ रखने से उसकी शुद्धता बढ़ जाती है. चांदी की तासीर ठंडी है इसलिए इसमें खाना खाने से मन शांत भी रहता है.