आज घर-घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें आम हैं. लेकिन अब से करीब सवा सौ साल पहले ये देवी-देवता ऐसे सुलभ न थे. उनकी जगह केवल मंदिरों में थी. वहां सबको जाने की इजाजत भी नहीं थी. जात-पांत का भी भेद होता था. घर में भी यदि वे होते तो मूर्तियों के रूप में. तस्वीरों, कैलेंडरों और पुस्तकों में जो देवी-देवता आज दिखते हैं वे असल में राजा रवि वर्मा की कल्पनाशीलता की देन हैं. इनका जन्म 1848 में हुआ था और मौत 1906 में हुई. इस चित्रकार ने ही शास्त्रों से प्रेरणा ले कर हिन्दू धर्म के सभी देवी-देवताओं के चित्र बनाए थे. ऐसे में देवी दुर्गा की जो तस्वीर हम देखते हैं, उसे बनाने का भी श्रेय राजा रवि वर्मा को ही माना जाता है.