पीढ़ियों में एक बार ही ऐसा खिलाड़ी आता है और पूरा देश उसके साथ जुड़ जाता है- वीरेन्द्र सहवाग
वह हमेशा विरोधी टीम से एक कदम आगे रहने की सोचता है- सचिन तेंदुलकर
सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर, जिसके साथ मैं खेला- फाफ डु प्लेसिस
क्रिकेट जगत के दिग्गजों ने ये बातें किस खिलाड़ी के लिए कही हैं वो तो आप समझ ही गए होंगे...अगर फिर भी कन्फ्यूजन में हैं तो हम आपको बता देते हैं...ये बातें हो रही हैं महेन्द्र सिंह धोनी के बारे में...एक ऐसा खिलाड़ी जिसने भारतीय क्रिकेट को हमेशा के लिए बदल दिया...उसकी उपलब्धियां अद्भुत, अविश्विसनीय और अकल्पनीय है....हेलीकॉप्टर शॉट के अविष्कार कर्ता धोनी ICC की सभी तीन ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं...नंबर 7 पर आकर भी शतक जमाने का माद्दा कम ही खिलाड़ियों में होता है वो भी पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ...
7 जुलाई 1981 को जन्मे धोनी ने क्रिकेट में वो सबकुछ हासिल किया, जिसके वो हकदार थे. अब 40 साल के हो चुके धोनी साल 2004 में टीम इंडिया के लिए चुने गए...वो भी तब जब उन पर सौरव गांगुली की नजर पड़ी...लेकिन इसके पहले उनका जीवन चुनौतियों से भरा रहा. 'रांची के राजकुमार' (Prince of Ranchi) के नाम से मशहूर धोनी एक बेहद साधारण से परिवार में पले बढ़े. दरअसल धोनी के परिवार की जड़ें उत्तराखंड में हैं. उनके पिता पान सिंह 1964 में रांची स्थित मेकॉन (MECON) में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी करने आए फिर यहीं के होकर रह गए.
लेकिन इसी अभाव में धोनी का खेल निखरा...जूझने का माद्दा मिला...रांची में सुविधाएं नहीं होने की वजह से वे 120 किलोमीटर दूर जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में जाकर मैच खेलने या प्रैक्टिस करने से भी गुरेज नहीं करते थे...मिडिल क्लास फैमली की मजबूरियों ने उन्हें रेलवे में टिकट कलेक्टर बना दिया...लेकिन प्रतिभा की जो आग उनके अंदर धधक रही थी उसने उन्हें रूकने नहीं दिया...रणजी ट्राफी से लेकर देवधर ट्राफी तक में शानदार प्रदर्शन से उन्होंने इंडिया टीम को अपने लिए दरवाजे खोलने पर मजबूर कर दिया...शुरुआती मैचों में असफलता के बावजूद कप्तान गांगुली का भरोसा उन पर कम नहीं हुआ...और नतीजा पूरी दुनिया के सामने हैं...
अब एक नजर डाल लेते हैं उनके कुछ नायाब रिकॉर्ड्स पर
ICC की सभी तीन ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान'
महेंद्र सिंह धोनी की गिनती अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे सफल कप्तानों में होती है. धोनी आईसीसी की सभी तीन ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान हैं. धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में दूसरी बार वर्ल्ड कप का खिताब जीता. वहीं, उनकी कप्तानी में भारत ने साल 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया.
कप्तानी में माही का बेहतरीन रिकॉर्ड
महेंद्र सिंह धोनी के नाम भारत की तरफ से सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए 60 टेस्ट, 200 वन-डे और 72 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की है. इसके साथ ही भारत की तरफ से सबसे ज्यादा 27 टेस्ट, 110 वन-डे, और 41 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच जीतने वाले कप्तान हैं.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड
MS धोनी की विकेटकीपिंग का कायल तो हर कोई रहा है. विकेटकीपिंग में बिजली की गति से स्टंप करने की कला शायद ही कोई धोनी से बेहतर जानता हो. माही के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड है. माही ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 192 बार खिलाड़ियों को स्टंप किया है. ESPN Cricinfo के मुताबिक, उनके नाम टेस्ट में 38, वन-डे में 120 और टी-20 में 34वीं बार स्टंपिंग का रिकॉर्ड है.
पहले उनकी तुलना अक्सर एडम गिलक्रिस्ट से होती थी लेकिन खुद गिलक्रिस्ट ने कहा कि वे दूसरे गिलक्रिस्ट नहीं बल्कि पहले एमएस धोनी है...भारतीय टीम को जूझना सिखाने वाले सौरव गांगुली ने भी एक बार कहा था यदि साल 2003 के वर्ल्डकप में धोनी मेरी टीम में होते तो परिणाम कुछ और होता...लेकिन अफसोस तब वे भारतीय रेलवेज में टिकट कलेक्टर थे...अविश्वनीय.