आईएमए के ड्रिल मैदान में अपना जज्बा दिखाने के लिए 333 भारतीय और 90 विदेशी कैडेट पूरी तरह तैयार हैं. भारतीय सैन्य अकादमी के पासिंग आउट परेड में भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर भाग लिया है. सेना प्रमुख बनने के बाद वे पहली बार देहरादून आईएमए पहुंचे. भारतीय सैन्य अकादमी की पहचान सेना को युवा अफसरों की खेप देने वाले प्रमुख संस्थान के रूप में होती है. भारत ही नहीं, बल्कि मित्र देशों के कैडेट भी अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं. बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार पीओपी में आईएमए की ओर से किसी भी कैडेट्स के परिजनों को बुलावा नहीं भेजा गया है. ऐसा पहली बार होगा जब कैडेट्स ने अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के बगैर अंतिम पग भरा. इसके अलावा कैडेट्स ने परेड भी मुंह पर मास्क पहनकर ही किया.