पोस्ट मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते है. जिसकी वजह से वज़न और हेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेन्टेन करना मुश्किल हो सकता है. नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज़ सोसाइटी (NAMS) के जर्नल में छपी एक स्टडी के मुताबिक़ डांस करने से कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है. इस से मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं की ओवरआल फिटनेस और आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
कई मैटाबॉलिक बदलावों से शरीर में फैट बढ़ने की आशंका रहती है और शरीर में आ रहे ये सभी बदलाव मिलकर हार्ट संबंधी परेशानी को बढ़ा सकते हैं.
कैसे की गई रिसर्च ?
यह रिसर्च उन 36 महिलाओं पर की गई जिन्हें मेनोपॉज हो चुका था. रिसर्च के दौरान 16 हफ़्तों तक इन महिलाओं ने हफ्ते में तीन बार रोज़ाना 90 मिनट के लिए डांस किया. 16 हफ्ते से पहले और बाद में ये देखा गया कि डांस का ना सिर्फ पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं के लिपिड प्रोफाइल और फिटनेस पर असर पड़ा बल्कि इस से उनकी सेल्फ एस्टीम और आत्मविश्वास में भी सुधार हुआ
उम्रदराज़ महिलाओं के लिए डांसिंग एक बहुत अच्छा ज़रिया है खुद को फिट रखने का. एक तो ये ज़्यादा महंगा नहीं है और दूसरा इसमें इंजरी का डर भी कहीं गुना कम है.