कोविड को लेकर केंद्र सरकार के एक टॉप एडवाइजर ने कहा कि भारत बायोटेक (Bharat Biotec) की कोवैक्सीन की सप्लाई इसलिए धीमी कर दी गई क्योंकि बेंगलुरु में कंपनी के नए प्लांट के पहले कुछ बैच सही क्वालिटी के नहीं थे. NDTV को दिए एक इंटरव्यू में कोविड टास्क फोर्स के मेंबर एनके अरोड़ा ने कबूल किया कि सरकार को यकीन था कि कोवैक्सीन के उत्पादन में तेज़ी से वृद्धि होगी, लेकिन कंपनी के सबसे बड़े प्लांट में क्ववालिटी के मुद्दे को लेकर झटका लगा है. अरोड़ा ने बताया कि बेंगलुरु प्लांट से आए शुरुआती कुछ बैच गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे. ये बैच सही क्वालिटी के नहीं थे, लेकिन अब तीसरा और चौथा बैच आ गया है. हमें उम्मीद है कि अगले चार या छह सप्ताह में भारत बायोटेक से वैक्सीन का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा.
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उन्होंने बताया कि जिस बैच की गुणवत्ता को लेकर सवाल थे, उन्हें वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए जारी नहीं किया गया था. दरअसल टीकाकरण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है, सरकार दिसंबर तक सभी एडल्ट्स को टीका लगाने का लक्ष्य पूरा करना चाहती है, ऐसे में हर रोज़ 1 करोड़ वैक्सीनेशन की ज़रूरत पड़ेगी. इसका अर्थ ये है कि भारत बायोटेक को प्रोडक्शन एक या दो करोड़ प्रतिदिन से बढ़ाकर 10 करोड़ करना होगा, डॉ अरोड़ा ने कहा कि अगले कुछ हफ्तों में ये कोवैक्सीन का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा.