जामिया में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी से कहा कि आपको हमें संतुष्ट करना पड़ेगा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है और क्या अब तक कोई एफआईआर भी दर्ज हुई है?. लेखी ने कोर्ट में कहा कि कि एक-एक मामले पर जांच चल रही है. सीआरपीसी का हवाला देते हुए लेखी ने कहा कि पुलिस ने जो कुछ भी किया भीड़ को हटाने के लिए किया और कानून के दायरे में रहकर किया. कोर्ट ने लेखी से सवाल किया की पुलिस ने यूनिवर्सिटी में दाखिल होने से पहले प्रशासन की इजाजत क्यों नहीं ली, इस पर वकील ने कहा कि इस तरह के हालातों में इजाजत की कोई जरूरत ही नहीं है. जामिया यूनिवर्सिटी भारत में है और भारत का कानून वहां लागू होता है. अब इन याचिकाओं पर सुनवाई 1 अक्टूबर तक के लिए टाल दी गई है.