अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की एक स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कोरोना महामारी ने पिछले साल देश में 23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेल दिया. इसकी मार सबसे ज्यादा युवाओं और महिलाओं पर पड़ी है. वहीं दूसरी लहर ने इस संकट में और इजाफा किया है. इस रिपोर्ट में उन लोगों को गरीब माना गया है जिनकी दैनिक आमदनी 5 डॉलर यानी 375 रुपये से कम है. रिपोर्ट में इसकी वजह 2020 में लगे लगातार सख्त लॉकडाउन को बताया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका असर सभी वर्ग की आमदनी पर हुआ था. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल मार्च से भारत में महीनों चले सख्त लॉकडाउन ने करीब 10 करोड़ लोगों से रोजगार छीन लिया और इनमें से 15 फीसदी को साल खत्म होने तक काम नहीं मिला.