कोरोना (Covid-19) की त्रासदी से जूझ रहे देश के लिए अच्छी खबर है. देश में पहली बार कोरोना के खिलाफ कॉकटेल ड्रग यानी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal antibodies) का इस्तेमाल शुरू हो गया है. भारत में स्विट्जरलैंड की फॉर्मा कंपनी रॉश (Forma Company Roche) और सिप्ला ने इस एंटीबॉडी कॉकटेल को लॉन्च किया है.
इस एंटीबॉडी का पहली बार इस्तेमाल गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में हुआ है. जहां हरियाणा के 84 साल के मोहब्बत सिंह पहले ऐसे मरीज बनें जिन्हें ये दवा दी गई. जिसके एक दिन बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई.अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को जब कोरोना हुआ था, तब उन्हें भी यह दवा दी गई थी.
यह भी पढ़ें | क्या चीन की लैब से निकला है जानलेवा कोरोना? मशहूर साइंस राइटर निकोलस वेड से खास बातचीत
बता दें कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी, एक बनी बनाई इम्यूनिटी है, जो कोविड के नए संक्रमित मरीज के इलाज में 70 फीसदी तक कारगर है. ओपीडी बेस पर 30 मिनट में यह दवा दी जाती है और फिर मरीज को होम केयर में फॉलो किया जाता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉश ने 10 हजार डोज केंद्र सरकार को डोनेट की हैं. यह दवा केंद्र सरकार राज्यों को बांट रही है. हरियाणा सरकार को 590 डोज मिली है. आने वाले कुछ दिनों में इस दवा का इस्तेमाल दिल्ली के भी सभी बड़े अस्पतालों में भी संभव होगा.
यह भी पढ़ें | फाइज़र ने भारत सरकार से मांगी मंजूरी, कहा- उसकी वैक्सीन 12+ लोगों पर भी प्रभावी