कोरोना (Coronavirus) की सेकेंड वेव ने देश को आर्थिक तौर पर खासा नुकसान पहुंचाया है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनमी (Centre for Monitoring Indian Economy) के सीईओ महेश व्यास ने कहा है कि सिर्फ अप्रैल और मई में 22.7 मिलियन यानि 2.2 करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां गंवाई हैं.
दरअसल सीएमआईई के हाउस सर्वे के मुताबिक मई लगातार चौथा ऐसा महीना रहा, जब रोजगार में गिरावट दर्ज की गई है, महेश व्यास ने ये बताया कि कोरोना के चलते लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से पिछले 2 महीने में देश के जिन 40 करोड़ लोगों के पास रोज़गार था उनमें से 2.2 करोड़ के पास रोजी रोटी का अब कोई साधन नहीं है .
दरअसल इन्हीं दो महीनों में भारत के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय लॉकडाउन देखे गए, जिसका असर रोजगार पर भी पड़ा और सिर्फ मई में मई में ही 1.5 करोड़ लोगों ने गंवाई नौकरी और बेरोजगारी दर करीब 12 फीसदी पर पहुंच गई, हालांकि पिछले साल मई में बेरोजगारी दर 23 फीसदी थी, जब देश भर में लॉकडाउन लगाया गया था.
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