सीजेआई एनवी रमन्ना (N. V. Ramana) ने देश में पुलिस के रवैये पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों (Human Rights) के लिए सबसे बड़ा खतरा पुलिस स्टेशन (Police Station) हैं. जहां आज भी उत्पीड़न होता है. विशेषाधिकार प्राप्त लोग भी थर्ड डिग्री से बच नहीं पाते हैं. सीजेआई ने कहा कि संविधान से मिली गारंटियों के बावजूद थानों में कानूनी प्रतिनिधित्व के अभाव की ढेरों ख़बरें आती रहती हैं.
नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी (NALSA) के ऐप को लॉन्च करते हुए सीजेआई ने कहा कि इतिहास हमारा भविष्य तय नहीं कर सकता है. जनता में संवैधानिक अधिकारों की जानकारियों के प्रसार की जरूरत है. साथ ही, थानों में डिस्प्ले बोर्ड और होर्डिंग लगाकर इस दिशा में अहम कदम उठाना चाहिए. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) के मुताबिक, नवंबर 2020 तक पिछले 10 सालों में 1000 से ज्यादा हिरासत में मौतें दर्ज हुईं.
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