अशोका यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के सीनियर लीडर पी चिदंबरम ने शुक्रवार को एक ट्वीट के ज़रिए मोदी सरकार से जानना चाहा कि इस पूरी घटना से देश में अकादमिक आज़ादी का क्या मतलब निकलता है, इसके साथ ही उन्होंन कहा कि बीजेपी की विचारधारा देश को बर्बाद कर इसे तानाशाही में बदल देगी इसलिए सभी लोगों को थोपी जा रही विचारधारा के खिलाफ प्रतिरोध करना चाहिए.दरअसल हरियाणा के सोनीपत में एक यूनिवर्सिटी से राजनीतिक टिप्पणीकार प्रताप भानु मेहना के इस्तीफे के मसले का खासा विरोध हो रहा है, मेहता के इस्तीफे के बाद प्रमुख अर्थशास्त्री अरविंद सुब्रमण्यम ने भी यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दे दिया था.
कहा जा रहा है कि इन दोनों प्रख्यात प्रोफेसर्स का इस्तीफे का मामला उस आलोचना से जुड़ा हुआ है जो वो केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर करते आ रहे हैं.