सरकार देश की तीसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी BPCL का निजीकरण करने जा रही है. निजीकरण से पहले कंपनी ने अपने कर्मचारियों को वीआरएस देने की पेशकश की है. इसके तहत कंपनी की ओर से कर्मचारियों को कई तरफ के विकल्प दिए हैं. पीटीआई के मुताबिक BPCL ने अपने कर्मचारियों को भेजे गए नोटिस में कहा है कि जो कर्मचारी निजी कारणों से या फिर निजी प्रबंधन के तहत काम नहीं करना चाहते, वो वीआरएस के लिए आवेदन कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 5 से 10 फीसदी कर्मचारी ही VRS का विकल्प चुन सकते हैं. 23 जुलाई से शुरू हुए इस विकल्प का चुनाव कंपनी के कर्मचारी 13 अगस्त तक सकते हैं. बता दें कि बीपीसीएल में सरकार अपनी समूची 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है.