ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति है उसकी बानगी है बिहार के मधुबनी (Madhubani) से सामने आई ये तस्वीरें. देखने में आपको ये कोई गौशाला लग रही होगी. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये गौशाला नहीं बल्कि मधुबनी के सुक्की प्रखंड खजौली का हेल्थ सेंटर है, जहां पिछले एक साल से डॉक्टरों का इंतजार है.
सुक्की के इस स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के बारे में गांव के लोगों ने बताया कि ये अस्पताल 30 सालों से यहां है, पर सिर्फ कागजों में. बाबू लोग आते हैं लेकिन सिर्फ 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने.
महामारी के इस काल में बिहार के इस गांव की तस्वीर नीतीश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती हुई नजर आ रही है. सरकार की तरफ से ग्रामीणों के लिए गांव में स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिए गए, लेकिन उनके इलाज के लिए नर्स और डॉक्टर की व्यवस्था करना भूल गए, और जहां हैं वो आते नहीं और कोई देखने वाला भी नहीं. ये हाल सिर्फ एक गांव का नहीं है बल्कि देश के ना जाने कितने गांव इसी तरह सिर्फ भगवान भरोसे हैं.