Archaeological Survey of India ने राजस्थान के राजसमंद स्थित रक्ततलाई से वो विवादित पट्टी हटा ली है, जिसपर लिखा था कि 1576 में हल्दीघाटी के युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की सेना को पीछे हटना पड़ा था. इस तथ्य पर कई लोगों को आपत्ति थी और स्थानीय सांसद समेत कई प्रोफेसर भी इसको लेकर शिकायत दर्ज करवा चुके थे. दो दिन पहले केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने इस विवादित शिलापट को हटाने का आदेश दिया था जिसके बाद ASI ने ना केवल इसे बल्कि चेतक समाधि और हल्दीघाटी से दो और शिलापटों को हटा लिया.
ASI का कहना है कि जब इन शिलापटों को लगाया गया था तब ना तो ये स्मारक ASI के अधीन थे और ना ही इनपर लिखी बात और फ़ॉन्ट का आकार ASI के प्रारूप के अनुरूप है. आपको बता दें कि कुछ इतिहासकारों का ऐसा दावा है कि हल्दीघाटी के युद्ध के दौरान महाराणा कि सेना नहीं बल्कि मुगलों की सेना को पीछे हटना पड़ा था.