कमेंटटेटर प्रताप भानु मेहता और इकोनॉमिस्ट अरविंद सुब्रमण्यम के इस्तीफे की वजह से कठघरे में आई Ashoka University की ओर से चुप्पी तोड़ी गई है, रविवार को यूनिवर्सिटी ने माना कि उसके मैनेजमेंट से संस्थानिक गलती हुई है और इसे सभी से बातचीत करने के बाद ठीक
किया जाएगा.
चांसलर Rudrangshu Mukherjee और वाइस चांसलर मालबिका सरकार के साथ- साथ दूसरे ट्रस्टीज़ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अकादमिक आजादी यूनिवर्सिटी के मूल सिद्धांतों में से एक रहा है और इसे लेकर हम अपनी प्रतिबद्धता दोहराएंगे. बयान के आखिर में संकेत दिए गए हैं कि मेहता और सुब्रमण्यम यूनिवर्सिटी में वापसी कर सकते हैं. आपको बता दें कि इन दो इस्तीफों की गूंज देश विदेश में सुनाई दी थी और इन इस्तीफों को यूनिवर्सिटी की अकादमिक आजादी पर हमला माना गया, जिसकी खासी आलोचना हुई थी.