चीन (China) से मिल रही चुनौतियों को देखते हुए भारत में अब 6 नई पनडुब्बियां बनाई जाएंगी. शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए इन 6 नई स्टेल्थ-पनडुब्बियों (Stealth Submarines) के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया. इनके निर्माण पर करीब 43,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद की बैठक में स्ट्रैटेजिक-पार्टनरशिप मॉडल के तहत ‘प्रोजेक्ट-75 इंडिया’ (P-75 I) को हरी झंडी दी गई. देश की कोई स्वेदशी शिपयार्ड विदेशी कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर में इन पनडुब्बियों का निर्माण देश में ही करेगी.
रक्षा मंत्रालय ने जिन पांच विदेशी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में इन पनडुब्बियों को बनाने की मंजूरी दी है उनमें रूस, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और दक्षिण कोरिया की कंपनी शामिल है. ये 6 कंवेनशनल पनडुब्बियां जरूर हैं लेकिन ये AIP यानी एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपेलशन सबमरीन है. इसका फायदा ये है कि इन्हें बार-बार समंदर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं, ये पानी के अंदर ही रहकर दुश्मन को पानी-पानी कर देंगी.
बता दें कि फिलहाल चीन के पास 75-80 पनडुब्बियां हैं, जबकि भारतीय नौसेना के पास सिर्फ 17 पनडुब्बियां ही हैं.