दुनियाभर में हर पांच में एक बच्चे के पास उसकी रोज की जरूरतों को पूरा करने लिए पर्याप्त पानी नहीं है. UNICEF की रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 142 करोड़ लोग उन जगहों पर रहते हैं जहां पानी की भारी किल्लत है. इन लोगों में 45 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं.
रिपोर्ट बताती है कि जल संकट का सबसे बड़ा शिकार बच्चे बनते हैं क्योंकि उन्हें स्कूल छोड़ कर दूर पानी लाने जाना पड़ता है. इसके अलावा सूखा पड़ने पर बच्चे ही कुपोषण और स्टंटिंग का शिकार बनते हैं.
रिपोर्ट की मानें तो दक्षिण एशिया (south asia) में सबसे ज्यादा 15.5 करोड़ बच्चे बेहद ही गंभीर जल संकट का सामना करने को मजबूर हैं. दुनिया में 37 देश ऐसे हैं जिन्हें बच्चों के लिए जल संकट का हॉटस्पॉट माना गया है. उनमें से एक भारत भी है जहां करीब 9.14 करोड़ बच्चे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं
इस संकट से निपटने के लिए यूनिसेफ 'Water security for all' पहल की शुरुआत कर रही है. जिसका उद्देश्य हर बच्चे की पहुंच स्थायी सेवाओं तक सुनिश्चित करना है. 2017 की यूनिसेफ की ओर से एक रिपोर्ट बताती है कि 2040 तक दुनिया भर में हर चार में से एक बच्चा उन क्षेत्रों में रहने को मजबूर होगा जो जल संकट के कारण उच्च तनाव में होंगे.